सुशांत सिंह राजपूत के लिए न्याय Skip to main content

सुशांत सिंह राजपूत के लिए न्याय

बॉलीवुड चकाचौंध की दुनिया. इसकी चकाचौंध से आकर्षित होकर हर एक कोई इसका हिस्सा बनाना चाहता है. इसके लिए वो कोई भी कीमत चुकाने को तैयार रहते है. उस कीमत की शुरुआत होती है अपना घर छोड़ने से. उसके बाद वो आँखों में सपने सजाये सपनों के शहर मुंबई में चले जाते है. मुंबई में काम नहीं मिलने तक उन्हें तरह तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. निर्माता निर्देशकों से  मिलने के लिए उनके ऑफिस के चक्कर काटना, घंटो घंटो उनके ऑफिस के बाहर खड़े रहना और इसके बाद भी इन्हे वहाँ से धक्के मार कर भगा देते है. इन्हे काफी जिल्लत का सामना करना पड़ता है. तब जाकर कही इन्हे कोई मौका मिलता है. मौका मिलने के बाद भी इनकी राह आसन नहीं होती. परन्तु सफल हो गए तो इन्हे सभी अपने सर आँखों पर बैठा लेते है और वो चकाचौंध की दुनिया में खो जाते है.
इस चकाचौंध की दुनिया का एक दूसरा पहलु भी है. वह बहुत भयानक और खतरनाक होता है. कई बार इस दुनिया में खो कर अपनों से दूर हो जाते है. क्योंकि इस इंडस्ट्री में दोस्त सिर्फ मतलब के लिए बनाये जाते है. यहाँ कुछ भी हमेशा के लिए नहीं होते. अंडरवर्ल्ड के दबदबा वाले इस बॉलीवुड में सभी टिक नहीं पाते. यहाँ का एक ही नियम है या तो खुद का आत्मसम्मान और अपने जमीर बेच दो, वरना इंडस्ट्री आपको बाहर कर देगी. या इतना मजबूर कर देगी कि वो इंसान आत्महत्या कर ले. जैसे 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या कर लिया था. परंतु यह आत्महत्या भी शक के घेरे में है. लोगों का मानना है कि सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या नहीं किया, बल्कि इनकी हत्या कर दी गई और बाद में इसे आत्महत्या बताने का प्रयास किया गया. ऐसा होने की पूरी संभावना है. ऐसे ही अपने समय की सबसे कामयाब अभिनेत्री दिव्या भारती के भी आत्महत्या की खबर आई. वो भी अपने शादी के दिन ही. आत्महत्या के कारणों का सही से पता नहीं चला. उसके बाद बातें होने लगी उनकी हत्या की. परंतु आगे कुछ नहीं हुआ.
वो समय अलग था. आज का समय सोशल मीडिया का है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सोशल मीडिया पर मांग उठाने लगी है सीबीआई से इस पुरे मामले जाँच करवाने की. पुलिस पर दबाव है. सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह के समर्थन में रोजाना मांग उठ रही है. परंतु क्या यह केस सीबीआई को सौपा जायेगा? अगर हाँ, तो सीबीआई इसे सुशांत सिंह की मौत आत्महत्या समझ कर, उन्हें आत्महत्या के लिए किसने उकसाया या मजबूर किया इन नजरिए से जाँच करेगी? या फिर सुशांत सिंह की हत्या कर इसके आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया गया है इस नजरिए से इस मामले की जाँच होगी?
सुशांत सिंह ने आत्महत्या किया था या उनकी हत्या की गई है यह तो जाँच के बाद सामने आ ही जायेगा, परंतु एक बात तो तय है कि सुशांत ने भले ही किसी के उकसाने पर या किसी के दबाव में आत्महत्या कर लिया हो, वो "किसी" बहुत ताकतवर है. वह इस जाँच को कमजोर करने के लिए अपनी ताकत और अपनी पहुँच का इस्तेमाल जरूर करेगा ऐसे में जाँच पर प्रश्न उठने की अभी से ही प्रबल संभावना है. क्योंकि इस मामले में बहुत बड़े बड़े लोगों का नाम लिया जा रहा है जिसमें करण जौहर और सलमान खान का नाम प्रमुख है. 

साथ ही साथ सभी बड़े कलाकारों निर्माताओ, निर्देशकों और प्रोडक्शन हाउस का अंडरवर्ल्ड से संबंध है या नहीं, अंडरवर्ल्ड का पैसा बॉलीवुड में लगता है या नहीं, इस नजरिए को भी ध्यान में रख इसकी भी जाँच होनी चाहिए. हाजी मस्तान ने अपने समय में बॉलीवुड की फिल्मों में पैसा लगाना शुरू किया. तब से बॉलीवुड का अंडरवर्ल्ड से रिश्ता बन गया. हाजी मस्तान के जाने के बाद जब दाऊद अंडरवर्ल्ड डॉन बना तब उनसे कुछ नियम बदल दिए. उसके बाद फिल्मों में पैसा लगाने के साथ साथ सभी बड़े कलाकारों से फिरौती लेना भी शुरू हो गया. ऐसे में बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का दखल और उसका प्रभाव भी बढ़ता गया. 
जिन कलाकारों का भी अंडरवर्ल्ड से संबंध रहे है या शायद अभी भी है उनका बॉलीवुड में दबदबा रहा है. 1993 में हुए बम ब्लास्ट से पहले निर्माता समीर हिंगोरा ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सालेम के साथ मिल कर संजय दत्त को AK-56 बन्दुक और कुछ हथगोले को भी दिया था. यह बॉलीवुड पर पर अंडरवर्ल्ड के प्रभाव का ही नतीजा है. तो इस जाँच में अंडरवर्ल्ड को भूलना नहीं नहीं चाहिए.
यहाँ मेरी देश की जनता से भी यह निवेदन है कि नेपोटिस्म का विरोध और बाहरी कलाकारों का समर्थन उनके जीवित रहते ही करें. उनके समर्थन में खड़े होने के लिए उनकी जान जाने तक का इंतजार न करे. कोई कितना भी नेपोटिस्म को बढ़ावा दे दे, अगर आप उनकी फिल्मे ही न देखें तो उन्हें मजबूरन नए चेहरो को मौका देना पड़ेगा. क्योकि बॉलीवुड में अंत में सिर्फ पैसे ही महत्व रखता है.
उम्मीद करता हूँ कि सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या के इस मामले को रफा दफा नहीं किया जायेगा. मरणोपरांत ही सही, परंतु उनके साथ न्याय होगा. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. आप सब भी यही प्रार्थना करे.

जय हिन्द
वन्देमातरम.



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