कहते है कि कोई इंसान एक बार अगर मर जाए, तो उसे दुबारा नहीं मरा जा सकता. परन्तु आज हम जिस क्रांतिकारी के बारे में बात करने वाले है, उसे दुबारा मारा गया और हर एक एक कोशिश की गई, जिस से वह जनता तक नहीं पहुँच पाए. यहाँ तक कि उसकी लिखी हुई किताबों तक को दबाने की कोशिश की गई. उस क्रांतिकारी का कहना था कि "इंसान का शरीर कैद किया जा सकता है, उसके विचार नहीं. इंसान के शरीर को मारा जा सकता है, उसके विचार को नहीं." परंतु इस क्रांतिकारी के विचार को भी मारने का हर संभव कोशिश किया गया और ऐसा कोशिश कि न ही उसके बारे में ज्यादा लिखा गया और न ही ज्यादा पढ़ाया गया. बस उसे एक गुमनाम बनाने के लिए पूरी तरह से कमर कसा जा चूका था. परंतु यह उस क्रांतिकारी की प्रसिद्धि ही है, जो इतना सब कुछ करने के बाद भी वह आज युवाओं के बीच प्रसिद्ध है और हर एक युवा के दिलों पर राज करता है. उसका नाम आते ही सभी के सर उसके सम्मान में झुक जाते है. मैं बात कर रहा हूँ, एक 5 फुट 10 इंच लम्बे और बहुत ही खूबसूरत नौजवान, जिसे लड़कियों से बचाते बचाते उनके साथी परेशान हो जाते थे, सरदार भगत सिंह संधू के बारे में. आइए उनके बारे म...
भारत देश के इतिहास, क्रन्तिकारी, सेना, समाज, धर्म, राजनीती, नेता, जनता इत्यादि विषयों पर अपने विचार और अर्धसत्य का सम्पूर्ण सत्य सामने रखने की क्रांति.